
A | संवाद सूत्र, म्याऊं। रास्ते में बने मकान का हिस्सा ढहाने को लेकर हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव उलैहता नगला में काफी हंगामा हो गया। विरोध में एक युवक जेसीबी के आगे आकर लेट गया। इस पर उसके स्वजन ने जेसीबी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और लेखपाल की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी, जिससे गांव में काफी बवाल खड़ा हो गया। इसकी सूचना पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई और जैसे-तैसे लोगों को शांत कराया गया। स्वजन युवक को कहीं अस्पताल दिखाने की बात कहकर ले गए हैं।,यह मामला हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव उलैहता नगला का है। गांव के राजेश्वर सिंह ने तहसील प्रशासन से शिकायत की थी कि उनके गांव के रामसरन पुत्र गंगा सिंह ने अपना मकान रास्ते में बढ़ाकर बना लिया है, जिससे उनके घर का निकास बंद हो गया है। उधर से बड़े वाहन नहीं गुजर रहे हैं। गांव के तमाम लोगों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर मकान बनाना गलत है और उसे वहां से हटवाया जाए। तहसील प्रशासन की ओर से इसकी जांच कराई गई थी।,बताया जा रहा है कि जांच के बाद लेखपाल जितेंद्र राठौर और गोपाल सक्सेना गुरुवार दोपहर बाद अपनी टीम लेकर उलैहता नगला गांव पहुंचे। उन्होंने मकान का कुछ हिस्सा जो सड़क पर बना हुआ था। उसे ढहाने के लिए जेसीबी बुला ली थी। यह देखकर गांव के तमाम लोग आ गए। तो वहीं मकान मालिक और उनके स्वजन इसके विरोध में उतर आए। रामसरन का भतीजा 18 वर्षीय मनोज पुत्र लालाराम जेसीबी के आगे आकर लेट गया।,उसके बाद स्वजन हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने राजस्व विभाग की टीम पर जेसीबी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। उन्होंने लाठी डंडे लेकर लेखपाल की गाड़ी पर तोड़फोड़ कर दी, जिससे मौके पर काफी अफरातफरी मच गई। गांव के कुछ लोग भी भाग खड़े हुए। इस दौरान हजरतपुर थाना पुलिस वहां मौजूद थी लेकिन बाद में जब यह बवाल हुआ तो दूसरे थानों की पुलिस भी बुला ली गई।,इसके कुछ देर बाद एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र कुमार सिंह भी वहां पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह स्वजन को शांत किया और मामले की जांच करवा कर इसमें कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाद में स्वजन युवक को किसी अस्पताल में दिखने की बात कह कर ले गए। फिलहाल पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक युवक को मिर्गी के दौरे पड़ रहे थे। उसे किसी प्रकार की चोट नहीं आई है। गांव का मामला शांत कर दिया गया है। परिवार वालों की ओर से दूसरे पक्ष के लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है, जिस पर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।,एसओ हजरतपुर देवेंद्र कुमार ने बताया कि इसकी सूचना पर पुलिस टीम वहां पहुंची थी। मामला एक रास्ते को लेकर है लेकिन युवक को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है। उसको मिर्गी के दौरे पड़ते हैं। इससे परिवार वालों ने हंगामा कर दिया। लेखपाल की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी गई है। इसमें अभी कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।,
गांव में एक रास्ते को लेकर विवाद है। व्यक्ति ने अपने मकान का कुछ हिस्सा सड़क पर बना लिया है। टीम को देखकर वह मकान गिराने का विरोध कर रहे थे और इसी बात को लेकर हंगामा किया। यहां किसी युवक को चोट नहीं आई है।- धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम दातागंज。

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她还认为,继位的英国国王查尔斯三世应该从将英国王室授予杰出人士的“大英帝国勋章”(Order of the British Empire)改名开始,让英国王室做出真正顺应历史的改变,大大减少以前那种奢靡的王室盛典,让王室逐渐向北欧斯堪的纳维亚国家那种更加平民化、象征性大于实际意义的王室转变。“这将一个值得庆祝的结局”,亚桑诺夫写道。
C | 最后值得一提的是,虽然亚桑诺夫的文章并不是在攻击伊丽莎白二世,而是在客观肯定伊丽莎白二世的同时,提出为什么英国王室已经不再适合这个时代,可这篇文章还是深深刺激到了英国网民的情感。在境外的社交网络上,大量英国网民就对此文表达了强烈不满,认为亚桑诺夫在伊丽莎白二世刚去世不久就写出这样的文章,是对逝者的不尊重。一些英国的保守派网民还认为立场偏自由派的《纽约时报》是“故意”用这样一个文章来恶心伊丽莎白二世的。这些人甚至还给英国的殖民主义进行辩护,说恰恰是英国的殖民才令许多殖民地得到了“高度”的“发展”和“进步”。但也一些网民很认同亚桑诺夫这篇文章的观点,并认为这篇文章值得一读。不过颇为搞笑的是,当《纽约时报》中文网在9月13日晚间将这篇文章进行了摘编和翻译后,一些海外的中文账号也纷纷跳出来攻击起了该报。而且他们中不仅有人也在为英国的殖民主义进行辩护,甚至还给《纽约时报》以及文章的作者亚桑诺夫扣上了一个“通共通中”的帽子。这大概就是“皇帝不急,(外国)太监急”吧?
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Published on:11:17:18